श्री सीताराम जी की निकुंज अष्टयाम लीला के साथ मनाया जा रहा है श्री मलूक जयंती महोत्सव
1 April 2026, 23:32
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Religious
वृन्दावन | विकास अग्रवाल
श्रीमद जगद्गुरु श्री मलूक दास जी महाराज का ४५२वां जयंती महोत्सव श्री सीताराम जी की निकुंज अष्टयाम लीला दर्शन एवं रस चर्चा के साथ मनाया जा रहा है। पानीघाट चौराहा स्थित श्री पहाड़ी बाबा भक्तमाली गौशाला में आयोजित इस आयोजन पर प्रकाश डालते हुए मलूक पीठाधीश्वर स्वामी डॉ राजेंद्रदास देवाचार्य महाराज ने बताया कि ऐसा आयोजन प्रथम बार लगभग २२५ वर्ष पूर्व अयोध्या कनक भवन में आयोजित किया गया था, जो उसके बाद से पहली बार श्री श्यामश्याम जी की दिव्य लीलास्थली में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रसिक संतों की पदावली और छंदों को गहनता से सुनने के बाद कहीं भी यह भेद नहीं जान पड़ता कि श्री सीताराम जी की अष्टयाम लीला और श्यामश्याम जी की कोई भी भिन्नता है। वस्तुतः एक ही राग और भाव हैं, जिसका दर्शन और श्रवण का समस्त ब्रजवासियों के साथ साथ समस्त देश के विभिन्न स्थानों से आए श्रद्धालुओं द्वारा लाभ लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जयंती उत्सव के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक मोहन भागवत भी आगामी ७ अप्रैल को मलूक दास जी महाराज का समाधि पूजन अपने कर कमलों से करेंगे। उन्होंने बताया कि आयोजन के दौरान देश के प्रसिद्ध संत, महंत भी आयोजन में सहभागिता करेंगे। इस अवसर पर स्वामी श्री हरिदास जी की परंपरा के संत गोरेलाल पीठ वाले महाराज जी ने श्री कुंज बिहारी जी के निर्देशन में आयोजित अष्टयाम लीला को रसिकों के लिए सर्वोपरि महत्व वाली साधना का एक सार बताया। आयोजन के विषय में बताते हुए श्री राधावल्लभ संप्रदाय के अन्यान्योपासक रसिक संत रसिक माधव दास महाराज ने बताया कि जयंती महोत्सव में सिर्फ अष्टयाम लीला के दर्शन के साथ ही श्री निकुंज अष्टयाम लीला की रस चर्चा मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास देवाचार्य के श्रीमुख से सुनने को जो शुभ अवसर हम सभी को मिला है, यह सौभाग्य का विषय है। इस अवसर पर श्री सीता राम जी की निकुंज अष्ट याम लीला के अंतर्गत वन बिहार, स्नान एवं श्रृंगार लीला के मंचन एवं लीला रस चर्चा ने समस्त परिसर को भक्ति भाव मय कर दिया।
इस अवसर पर गंगा दास महाराज, अनुराग दास महाराज परम हंस सहित अन्य संत गण भी उपस्थित रहे।