एसएसपी श्लोक कुमार के निर्देश पर थाना जैत में एफआईआर, विवादित जमीन का सौदा कर करोड़ों की रकम हड़पने का आरोप

गौरानगर कॉलोनी की पार्षद माधवी बघेल के प्रतिनिधि एवं उनके पति सतीश बघेल ने करोड़ों रुपये की कथित जमीन धोखाधड़ी के मामले में बड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए एक नामजद आरोपी के खिलाफ थाना जैत में मुकदमा दर्ज कराया है। यह कार्रवाई एसएसपी के आदेश पर की गई है।

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, सतीश बघेल ने बताया कि फरवरी 2024 में उन्होंने अपने साझेदारों के साथ खसरा संख्या 249 की करीब 0.512 हेक्टेयर भूमि का सौदा भूमि स्वामी प्रदीप कुमार अग्रवाल से किया था। आरोप है कि इस सौदे के लिए करीब एक करोड़ सत्तर लाख रुपये नकद दिए गए थे, जबकि शेष राशि बैनामे के समय दी जानी थी।

सतीश बघेल का आरोप है कि बाद में राजस्व विभाग और मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण से जानकारी मिली कि उक्त भूमि पर विकास प्राधिकरण की प्रस्तावित सड़क दर्ज है। आरोप है कि यह महत्वपूर्ण तथ्य भूमि स्वामी को पहले से मालूम था, लेकिन सौदे के समय जानबूझकर छिपाया गया।

जब सतीश बघेल ने सौदा निरस्त कर अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। इसके बाद कई दौर की बातचीत हुई। अप्रैल 2024 में मध्यस्थों की मौजूदगी में हुई वार्ता के दौरान भी आरोपी ने पैसा लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन भुगतान नहीं किया।

रिपोर्ट के अनुसार, 12 सितंबर 2025 को आरोपी ने लिखित समझौते में स्वीकार किया कि उस पर सतीश बघेल के लगभग डेढ़ करोड़ रुपये बकाया हैं और किस्तों में भुगतान करने पर सहमति जताई। इसके तहत विभिन्न बैंकों के कई चेक भी दिए गए, लेकिन आरोप है कि केवल 20 लाख रुपये ही वापस किए गए। शेष राशि के लिए दिए गए चेकों के खातों में पर्याप्त धनराशि नहीं मिली।

सतीश बघेल का आरोप है कि जब उन्होंने इस बारे में आरोपी से संपर्क किया तो उन्हें कथित रूप से धमकी भी दी गई। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, जिस पर एसएसपी के आदेश के बाद थाना जैत में आरोपी प्रदीप कुमार अग्रवाल के खिलाफ करीब ₹1.45 करोड़ की कथित धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।

अब इस हाई-प्रोफाइल भूमि विवाद में नयति पुलिस चौकी इंचार्ज निशांत पायल ने जांच शुरू कर दी है। मामले की आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।