थाना जैंत क्षेत्र में प्लॉट खरीदने के नाम पर कथित धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए लाखों रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। गोधूलीपुरम निवासी विजय कुमार की शिकायत पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार के आदेश के बाद थाना जैंत पुलिस ने एक महिला समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
एफआईआर के मुताबिक, विजय कुमार ने 12 फरवरी को कैलाश नगर सेक्टर-2 में एक खाली भूखंड पर लगा बोर्ड देखा। बोर्ड पर जायदाद मालिक के रूप में यतेन्द्र कुमार और महेश कुमार का नाम तथा मोबाइल नंबर दर्ज था। संपर्क करने पर प्लॉट का सौदा तय करने की बात हुई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्लॉट की जानकारी मांगने पर आरोपियों ने एक रजिस्टर्ड दानपत्र दिखाया, जिसे यतेन्द्र के भाई शैलेन्द्र कुमार द्वारा किया जाना बताया गया।
आरोप है कि इसके बाद विजय कुमार को भरोसे में लेकर 14 फरवरी को अनुबंध कराया गया और दो लाख रुपये बैंक ट्रांसफर तथा तीन लाख रुपये नकद लिए गए। शिकायत के अनुसार, इसके बाद विजय कुमार और उनकी पत्नी के नाम 18 फरवरी को 97.50 लाख रुपये के क्रय मूल्य का बैनामा कराया गया। इसमें 50 लाख रुपये बैंकिंग माध्यम से तथा 47.50 लाख रुपये बैंक ऋण के माध्यम से भुगतान किए जाने की बात एफआईआर में कही गई है।
मामला यहीं नहीं रुका। शिकायतकर्ता के अनुसार, बची हुई जमीन के सौदे के लिए भी यतेन्द्र की पत्नी अंजू कुमारी को पांच लाख रुपये एडवांस दिए गए। इसमें एक लाख रुपये अंजू कुमारी के भाई सुनील कुमार के यूपीआई खाते में, दो लाख रुपये यतेन्द्र के खाते में और दो लाख रुपये नकद देने का आरोप है। शेष प्लॉट का सौदा 30 अगस्त तक पूरा करने की बात तय होने का उल्लेख भी शिकायत में है।
बाउंड्री कराने पहुंचे तो बदल गया पूरा मंजर
शिकायत के मुताबिक, 15 जुलाई को विजय कुमार अपने प्लॉट पर बाउंड्री कराने पहुंचे, तभी वहां कुछ लोग पहुंचे और उनके साथ कथित रूप से मारपीट की। आरोप है कि इन लोगों ने प्लॉट को अपना बताते हुए निर्माण कार्य करने पर जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ता के अनुसार, इनमें से एक व्यक्ति ने अपना नाम नोमेशदत्त, निवासी दिल्ली बताया।
अब सवाल यह है कि जिस जमीन के लिए लाखों रुपये का भुगतान कर बैनामा कराया गया, उसी जमीन पर खरीदार को बाउंड्री कराने के दौरान कथित विरोध और मारपीट का सामना क्यों करना पड़ा?
फिलहाल थाना जैंत पुलिस ने विजय कुमार की तहरीर के आधार पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया में होना बाकी है।