8 माह में 38 वाहन पार… अकेले केशव धाम चौकी क्षेत्र से 18 वाहन चोरी, पुलिस के इकबाल पर सवालिया निशान

योगिराज श्रीकृष्ण की क्रीड़ा स्थली श्रीधाम वृन्दावन जहां देश-दुनिया से श्रद्धालु सुकून और आस्था की तलाश में पहुंचते हैं, वहां वाहन चोरों ने मानो अपना ऐसा साम्राज्य कायम कर लिया है, जहां पुलिस का खौफ नदारद और चोरों का हौसला बुलंद नजर आ रहा है। हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जनवरी से 7 सितंबर तक थाना वृन्दावन क्षेत्र में वाहन चोरी की 38 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।

यानी हर महीने औसतन करीब पांच वाहन चोरी। और अगर पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज आंकड़े ही इतने चौंकाने वाले हैं तो सवाल यह भी है कि जिन पीड़ितों की एफआईआर दर्ज नहीं हुई, उनके वाहनों का हिसाब कौन देगा?

सितंबर का पहला सप्ताह और दो बाइक ‘गायब

सितंबर का अभी महज एक सप्ताह बीता है और केशव धाम पुलिस चौकी क्षेत्र में अज्ञात वाहन चोर दो मोटरसाइकिलों पर हाथ साफ कर चुके हैं।

रुक्मिणी विहार क्षेत्र निवासी भगवान स्वरूप की TVS Apache UP81DU 2920 चार सितंबर को रात्रि में उनके घर से चोरी हो गई। मामले में छह सितंबर को मुकदमा अपराध संख्या 591 दर्ज किया गया।

दूसरी वारदात में धोरेरा निवासी सुखदेव की Splendor UP85DU 3989 कृष्णा हाईलाइट्स से 26 अगस्त को चोरी हो गई। इस मामले में मुकदमा अपराध संख्या 597 दर्ज किया गया।

दो वारदातें महज चंद दिनों के अंतराल में… और दोनों में पुलिस के सामने वही पुराना सवाल—चोर आए कहां से और बाइक गई कहां?

सबसे ‘मुफीद’ ठिकाना बना केशव धाम चौकी क्षेत्र

38 वाहन चोरी के आंकड़ों को चौकीवार खंगालें तो तस्वीर और भी हैरतअंगेज सामने आती है।

केशव धाम पुलिस चौकी क्षेत्र वाहन चोरों की पहली पसंद बन चुका है। यहां से अकेले 18 वाहन चोरी हुए हैं। यानी थाना क्षेत्र में दर्ज कुल वाहन चोरी की करीब आधी वारदातें इसी चौकी क्षेत्र में हुईं।

इसके बाद रमणरेती चौकी क्षेत्र से 7, अद्धा चौकी से 5, बांके बिहारी चौकी से 3, जबकि रंगजी और मथुरा गेट चौकी क्षेत्रों से 2-2 वाहन चोरी हुए हैं।

एक मुकदमा ऐसा भी है, जिसमें घटनास्थल को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

Splendor से लेकर कार और E-Rickshaw तक… चोरों की पसंद भी दिलचस्प

वाहन चोरों ने सबसे ज्यादा Splendor को निशाना बनाया। आंकड़ों के मुताबिक 38 चोरी हुए वाहनों में 15 Splendor, 5 HF Deluxe, 5 TVS Apache और 4 Scooty शामिल हैं।

इसके अलावा Hero Achiever, Hero Shine, Bullet और Honda CB की एक-एक बाइक भी चोर उड़ा ले गए।

लेकिन चोरों का ‘कारोबार’ सिर्फ दोपहिया वाहनों तक सीमित नहीं रहा। 1 Syros, 1 Swift, 1 Eeco, 1 Ciaz और 1 E-Rickshaw भी चोरी की फेहरिस्त में शामिल हैं।

सबसे बड़ा सवाल—38 में से कितने वाहन वापस आए?

अब इस पूरी कहानी का सबसे अहम और चौंकाने वाला पहलू सामने आता है।

38 वाहन चोरी की एफआईआर तो पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं, लेकिन इनमें से पुलिस ने कितने वाहन बरामद किए?

यह आंकड़ा फिलहाल सामने नहीं आ सका है। वाहनों की बरामदगी का ब्यौरा हासिल करने के लिए थाना वृन्दावन के प्रभारी निरीक्षक अश्वनी कुमार खारी से कई मर्तबा मिलने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी व्यस्तता के चलते यह जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी।

आंकड़े पुलिस के अपने… मगर जवाबदेही का हिसाब?

यहां सवाल सिर्फ 38 वाहनों की चोरी का नहीं है। असल सवाल यह है कि जिस थाना क्षेत्र में वाहन चोर आठ महीने में 38 बार पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दे चुके हों, वहां चोरों पर शिकंजा कसने के लिए क्या रणनीति बनाई गई?

खास तौर पर केशव धाम चौकी क्षेत्र में 18 वाहन चोरी का आंकड़ा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के लिए किसी खतरे की घंटी से कम नहीं होना चाहिए।

श्रद्धालुओं की भीड़, बाजारों और आवासीय इलाकों में लगातार बढ़ती आवाजाही और बड़ी संख्या में बाहर से आने वाले लोगों के बीच वाहन चोरी की इतनी वारदातें वृन्दावन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

अब देखना यह है कि इन आंकड़ों के सामने आने के बाद पुलिस महकमा इसे महज वाहन चोरी की वारदात मानेगा या फिर वाहन चोरों के इस पूरे नेटवर्क की कमर तोड़ने के लिए कोई ठोस और नुमायां कार्रवाई भी सामने आएगी।