प्रेम मंदिर के सामने चोरी, केशव धाम पुलिस चौकी क्षेत्र बना चोरों की सबसे सुरक्षित शरणस्थली !
26 December 2025, 23:22
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Crime
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वृन्दावन के प्रेम मंदिर के सामने स्थित पार्किंग में हुई चोरी ने केशव धाम पुलिस चौकी की कार्यप्रणाली को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया है। फरह क्षेत्र के जुडाबई गांव निवासी योगेश की कार से मोबाइल फोन और करीब 80 हजार रुपये चोरी हो गए, लेकिन पुलिस की सुस्ती ऐसी रही कि पीड़ित को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पूरे पखवाड़े तक चक्कर काटने पड़े। तब कहीं जाकर रिपोर्ट दर्ज हो सकी।
पीड़ित योगेश के अनुसार 14 दिसंबर की शाम करीब 6:30 बजे उसने अपनी कार प्रेम मंदिर के सामने स्थित नंबर-1 पार्किंग में खड़ी की थी। कार में G8S मोटो मोबाइल फोन और 79,821 रुपये नकद रखे थे। योगेश पत्नी के साथ दर्शन के लिए मंदिर गया और लौटने पर गाड़ी से नकदी व मोबाइल गायब मिले।
योगेश ने तत्काल पार्किंग कर्मचारी राजीव को इसकी सूचना दी, लेकिन कर्मचारी ने जिम्मेदारी लेने से साफ इनकार कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि पार्किंग कर्मचारियों को पहले से जानकारी थी कि गाड़ी में नकदी रखी है, इसके बावजूद चोरी हो जाना सुनियोजित साजिश की ओर इशारा करता है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरी घटना केशव धाम पुलिस चौकी क्षेत्र में प्रेम मंदिर जैसे हाई-सिक्योरिटी और वीआईपी जोन में हुई, फिर भी पुलिस ने न तो मौके पर सक्रियता दिखाई और न ही समय रहते सीसीटीवी फुटेज खंगालने की जहमत उठाई।
आपको बता दें कि पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक पिछले तीन–चार महीनों में केशव धाम पुलिस चौकी क्षेत्र से आधा दर्जन से अधिक बाइक चोरी की घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं। इसके बावजूद न तो गश्त बढ़ाई गई, न ही चोरी की घटनाओं पर कोई ठोस नियंत्रण नजर आया। सवाल यह है कि जब लगातार वाहन चोरी हो रही हैं, तो चौकी पुलिस आखिर क्या कर रही है?
श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि प्रेम मंदिर के सामने दिनदहाड़े चोरी हो सकती है और केशव धाम पुलिस चौकी मूकदर्शक बनी रहती है, तो आम नागरिक और बाहर से आने वाले श्रद्धालु अपनी सुरक्षा को लेकर खुद को कितना असहाय महसूस करेंगे, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या केशव धाम पुलिस चौकी की इस लापरवाही पर कोई कार्रवाई होगी, या फिर चोरी की बढ़ती घटनाएं यूं ही रिकॉर्ड की फाइलों में दबती रहेंगी। लोगों ने मांग की है कि दोषी पार्किंग कर्मचारियों के साथ-साथ क्षेत्र में लगातार अपराध बढ़ने के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों की जवाबदेही भी तय की जाए, ताकि श्रद्धालुओं का कानून व्यवस्था से उठता भरोसा दोबारा कायम हो सके।