वृंदावन के रुक्मिणी बिहार क्षेत्र स्थित सरस्वती बिहार कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं के अभाव के बावजूद नगर निगम द्वारा लगाए गए टैक्स ने लोगों का सब्र तोड़ दिया। मंगलवार को कॉलोनी की महिलाओं ने एकजुट होकर मथुरा-वृंदावन नगर निगम के वृंदावन जोनल कार्यालय पर पहुंचकर जमकर आक्रोश जताया और प्रशासन की संवेदनहीन कार्यप्रणाली के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया। गुस्से में भरी महिलाओं ने अपर नगर आयुक्त सी.पी. पाठक को ज्ञापन सौंपते हुए साफ शब्दों में कहा कि जहाँ न सड़क है, न नाली और न ही साफ-सफाई, वहाँ टैक्स लगाना जनता के साथ सीधा अन्याय है। महिलाओं का आरोप है कि सरस्वती बिहार कॉलोनी पूरी तरह उपेक्षा का शिकार है। टूटी-फूटी सड़कों पर चलना दूभर है और नालियों के अभाव में गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा लगातार बना हुआ है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर निगम को लिखित शिकायतें दीं, लेकिन हर बार फाइलें दबा दी गईं। अब जब बिना कोई सुविधा दिए टैक्स थोप दिया गया है, तो लोगों में भारी रोष है। महिलाओं ने सवाल उठाया कि जब नगर निगम ने आज तक कॉलोनी की सुध नहीं ली, तो टैक्स किस बात का लिया जा रहा है? महिलाओं ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़कों का निर्माण, नालियों की व्यवस्था और सफाई जैसे बुनियादी कार्य शुरू नहीं किए गए, तो वे मजबूरन सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद हालात बिगड़ने की पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी। प्रदर्शन में शामिल जानकी शर्मा, पूजा चौधरी, कविता दासी, बबली, मोनिका जुलेजा, पुष्पा गोस्वामी, सारिका दिवाकर, गायत्री और रामकिशन सहित अन्य कॉलोनीवासियों ने कहा कि “पहले सुविधा, फिर टैक्स” उनकी जायज मांग है और इससे पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता। वहीं अपर नगर आयुक्त सी.पी. पाठक ने मामले को शांत करने की कोशिश करते हुए कहा कि सरस्वती बिहार कॉलोनी में पहली बार टैक्स भेजा गया है और समस्याओं का शीघ्र समाधान कराया जाएगा। हालांकि कॉलोनीवासियों का कहना है कि ऐसे आश्वासन पहले भी कई बार मिल चुके हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत आज भी जस की तस है। अब सवाल यह है कि नगर निगम सिर्फ कागजी आश्वासन देगा या वास्तव में कॉलोनीवासियों को उनका हक मिलेगा। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो सरस्वती बिहार कॉलोनी आंदोलन का बड़ा केंद्र बन सकती है।