जनपद मथुरा में सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से गुम हुए मोबाइल फोन बरामद करने में मथुरा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मथुरा पुलिस ने देश के विभिन्न राज्यों एवं सीमावर्ती जनपदों की पुलिस से समन्वय स्थापित कर कुल 685 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से मथुरा के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके स्वामियों से संपर्क कर सुपुर्द किए जा रहे हैं। वहीं, अन्य राज्यों के मोबाइल स्वामियों को उनके फोन कोरियर के माध्यम से भेजे जाएंगे। इस सराहनीय कार्य की आम जनता और मोबाइल स्वामियों द्वारा पुलिस की जमकर प्रशंसा की जा रही है। मोबाइल बरामदगी के थानावार विवरण में थाना वृन्दावन ने 250 मोबाइल फोन बरामद कर प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जबकि थाना पर्यटन ने 80 मोबाइल फोन बरामद कर द्वितीय स्थान हासिल किया। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए दोनों थानों की पुलिस टीम को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।इसके अतिरिक्त सर्विलांस सेल ने 51, गोवर्धन ने 20, कोतवाली ने 15, हाईवे ने 10, गोविन्दनगर ने 9, रिफाइनरी व बरसाना ने 5-5, बल्देव ने 4, कोसीकलां ने 3, नौहझील, जमुनापार, मगोर्रा व शेरगढ़ ने 2-2 तथा राया थाना ने 1 मोबाइल फोन बरामद किया है। हालांकि मोबाइल बरामदगी अभियान में जनपद के सभी थाना प्रभारियों का सहयोग रहा। थाना वृन्दावन से प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार पाण्डेय, मुख्य आरक्षी रितेश कुमार, जिनेन्द्र कुमार, आरक्षी नितिन कुमार तथा थाना पर्यटन से प्रभारी प्रवीण कुमार, एसआई मोहन लाल, मुख्य आरक्षी संजीव कुमार, आरक्षी रविकुमार ने उल्लेखनीय योगदान दिया। वहीं सर्विलांस सेल से प्रभारी एसआई विकास कुमार एवं उनकी टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। गौरतलब है कि थाना वृन्दावन के मुख्य आरक्षी जिनेन्द्र कुमार को 26 जनवरी के अवसर पर एसएसपी श्लोक कुमार द्वारा प्रशस्ति पत्र दिया जा चुका है। उन्होंने हाल ही में रमनरेती पुलिस चौकी के सामने स्थित हाथरस निवासी बाबूलाल की अस्थायी झोंपड़ी से गायब हुई उसकी एक वर्षीय बच्ची गुंजन को सकुशल बरामद करने में अहम भूमिका निभाई थी। कुल मिलाकर सीईआईआर पोर्टल के प्रभावी उपयोग से मथुरा पुलिस ने न सिर्फ स्थानीय लोगों का भरोसा जीता है, बल्कि थाना वृन्दावन और पर्यटन थाना ने उत्कृष्ट कार्य कर जनपद का नाम भी रोशन किया है।