थाना वृन्दावन की मथुरा गेट पुलिस चौकी क्षेत्र अंतर्गत सीएफसी चौराहे के समीप एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां बालाजी मेडिकल स्टोर एवं गेस्ट हाउस संचालक केशव देव निगम अपने ही सगे भाई के कथित उत्पीड़न और जान से मारने की धमकियों से इस कदर भयभीत हो गए कि उन्हें अपना मकान और गेस्ट हाउस बेचने का फैसला करना पड़ा। पीड़ित केशव देव ने अपनी दुकान, घर और गेस्ट हाउस के बाहर ‘मकान और गेस्ट हाउस बिकाऊ है’ का बोर्ड लगाते हुए उस पर साफ शब्दों में लिखा है कि “एक गुंडा हिस्ट्रीशीटर के भय से शहर छोड़ने को मजबूर परिवार”। यह बोर्ड क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। केशव देव का आरोप है कि उनका छोटा भाई राकेश अपराधी प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिसके खिलाफ विभिन्न थानों में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पीड़ित के अनुसार राकेश लंबे समय से उन्हें बेवजह परेशान कर रहा है, गाली-गलौज करता है और जबरन मकान खाली कराने का दबाव बना रहा है। इतना ही नहीं, केशव का कहना है कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं। पीड़ित व्यापारी ने बताया कि भाई के आतंक के कारण उनका और उनके परिवार का सामान्य जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। बच्चों और परिवार की सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने भारी मन से अपनी वर्षों पुरानी संपत्ति बेचने का निर्णय लिया है, ताकि किसी अन्य स्थान पर जाकर शांतिपूर्ण जीवन जी सकें। केशव देव ने गोपालगढ़ क्षेत्र में हुये एक मामले को लेकर थाना जैंत में अपने भाई के खिलाफ लिखित तहरीर भी दी है और पुलिस से न्याय एवं सुरक्षा की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता। अब देखना यह है कि पुलिस इस गंभीर पारिवारिक लेकिन आपराधिक प्रकृति के मामले में क्या कदम उठाती है और क्या एक भयभीत परिवार को न्याय व सुरक्षा मिल पाती है या नहीं।