स्टे की धज्जियाँ उड़ाकर भूमाफियाओं ने रची कब्जे की साजिश, एसएसपी के आदेश पर आधा दर्जन के खिलाफ मुकदमा दर्ज
28 December 2025, 13:46
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Crime
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश पर हाथरस निवासी गुलाब सिंह की तहरीर पर जमीन कब्जाने की साजिश रचने वाले आधा दर्जन कथित आरोपियों के खिलाफ थाना वृन्दावन में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला शहर के बीचों-बीच स्थित बेशकीमती संपत्ति से जुड़ा है, जिस पर पहले से ही भूमाफियाओं की नजर बताई जा रही है।
पीड़ित गुलाब सिंह की तहरीर में कहा गया है कि अनुराग रंजन गोस्वामी ने अपनी संपत्ति संख्या-31 राधानिवास वृन्दावन के संबंध में 26 दिसंबर 2012 को हाथरस निवासी गुलाब सिंह, राधानिवास निवासी लाड़ली शरण तथा गौरानगर निवासी किशन सिंह के पक्ष में पंजीकृत मुख्त्यारनामा निष्पादित किया था। इस मुख्त्यारनामा के जरिए गुलाब सिंह को संपत्ति से जुड़े समस्त अधिकार सौंपे गए थे।
बताया गया है कि इसी संपत्ति को लेकर 2021 में अनुराग रंजन गोस्वामी आदि बनाम युवराज सिंह आदि के नाम से सिविल जज मथुरा की अदालत में दीवानी वाद दायर किया गया था। अदालत ने 30 मई 2023 को दोनों पक्षों को यथास्थिति बनाए रखने का स्पष्ट आदेश दिया था।
आरोप है कि इसके बावजूद जितेन्द्र अग्रवाल निवासी मथुरा, नीरज रावत निवासी नई दिल्ली, श्रीमती भूमि सिंह निवासी फरह और राधेश्याम निवासी सेही की नीयत इस संपत्ति पर आ गई। इन लोगों पर आरोप है कि उन्होंने न्यायालय के स्थगन आदेश को नजरअंदाज करते हुए छल-कपट, धोखाधड़ी और बेईमानी से एक फर्जी व कूटरचित बैनामा तैयार कराया। कथित तौर पर इस बैनामे में श्रीमती भूमि सिंह व उनके पुत्र युवराज सिंह को विक्रेता तथा जितेन्द्र अग्रवाल व नीरज रावत को क्रेता दर्शाया गया।
इतना ही नहीं, आरोप है कि इस कथित फर्जी बैनामे पर राधेश्याम व प्रेमपाल ने जानबूझकर झूठी गवाही दी। शिकायत में कहा गया है कि सभी आरोपियों को यह भली-भांति ज्ञात था कि श्रीमती भूमि उर्फ नीतू और उनके पुत्र युवराज सिंह को उक्त संपत्ति बेचने का कोई अधिकार नहीं है, इसके बावजूद बैनामे को असली बताकर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय मथुरा में प्रस्तुत किया गया और 24 सितंबर 2025 को पंजीकरण भी करा लिया गया।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि अब कथित क्रेता-विक्रेता और गवाह अपने साथी रमेशचंद तरकर के साथ मिलकर हथियारों के बल पर जबरन कब्जा करने की फिराक में हैं। गुलाब सिंह के पास धमकियां भिजवाई जा रही हैं कि यदि उन्होंने कोई कानूनी कार्रवाई की तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
यह पूरा मामला अदालत के आदेशों की अवहेलना, कूटरचित दस्तावेजों और कथित भूमाफिया गिरोह की सक्रियता की ओर इशारा करता है, जिसने एक बार फिर वृन्दावन में जमीन माफियाओं के हौसले बुलंद होने का सवाल खड़ा कर दिया है।