शताब्दी महोत्सव में संत प्रेमानंद महाराज बने श्रद्धा के केंद्र, दर्शन कर भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
16 January 2026, 17:38
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Religious
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वृंदावन में सुदामा कुटी के संस्थापक संत सुदामा दास जी महाराज के वृंदावन आगमन के सौ वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित शताब्दी महोत्सव में शुक्रवार को संत प्रेमानंद महाराज की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमा प्रदान की। उनके आगमन से पूरा वातावरण भक्ति और श्रद्धा से ओत-प्रोत हो गया।
संत प्रेमानंद महाराज सुदामा कुटी पहुंचे, जहां उन्होंने महंत सुतीक्ष्ण दास महाराज और महंत अमर दास महाराज से मुलाकात की। इसके उपरांत वे कुंभ मेला स्थल पर चल रहे शताब्दी महोत्सव में पहुंचे और वहां श्री राम महायज्ञ स्थल की परिक्रमा की। इसके बाद उन्होंने भगवान कौशल किशोर के दिव्य दर्शन किए और विधिवत आरती कर पूजा-अर्चना की।
भगवान कौशल किशोर के दर्शन करते ही संत प्रेमानंद महाराज और उनके साथ आए शिष्य भाव-विभोर हो उठे। इस अवसर पर महंत सुतीक्ष्ण दास महाराज ने संत प्रेमानंद महाराज को उत्सव का प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
संत प्रेमानंद महाराज के सुदामा कुटी आश्रम और कुंभ मेला स्थल पर पहुंचते ही उन्हें देखने और दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों में उनके प्रति अपार श्रद्धा देखने को मिली। स्थिति को संभालते हुए उनके सेवादार उन्हें सुरक्षित रूप से भीड़ से निकालकर पुनः केली कुंज आश्रम ले गए।
करीब आधे घंटे की इस यात्रा में संत प्रेमानंद महाराज जहां भी पहुंचे, वहां भक्ति, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव स्पष्ट रूप से देखने को मिला। शताब्दी महोत्सव में उनकी सहभागिता को श्रद्धालु लंबे समय तक स्मरणीय मान रहे हैं।