जनसंपत्ति के सौदे पर सवाल : दीपक शर्मा ने नगर निगम पर लगाए गंभीर आरोप, लोकायुक्त से शिकायत
21 January 2026, 15:16
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वृन्दावन के राधा फ्लोरेंस निवासी एवं जागरूक नागरिक दीपक शर्मा ने मथुरा वृन्दावन नगर निगम पर सार्वजनिक भूमि को एक निजी कंपनी को बेहद कम दर पर देने कागंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में वृन्दाव न जोन के अपर नगर आयुक्त सी.पी. पाठक से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिसकी प्रतिलिपि लोकायुक्त को भी भेजी गई है। दीपक शर्मा का कहना है कि यदि इस प्रकरण में समय रहते निष्पक्ष जांच और कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से पीछे नहीं हटेंगे।
दीपक शर्मा के अनुसार नगर निगम द्वारा सनसिटी अनंतम/ हाईटेक प्रोजेक्ट्स प्रा. लि. नामक निजी कंपनी को भूमि विनिमय के माध्यम से सार्वजनिक संपत्ति सौंपी जा रही है। नगर निगम की ओर से दी जाने वाली भूमि का क्षेत्रफल 2.6160 हेक्टेयर है, जबकि निजी कंपनी की ओर से दी जाने वाली भूमि 2.6690 हेक्टेयर है। क्षेत्रफल का अंतर मात्र 530 वर्गमीटर है, लेकिन वास्तविक बाजार मूल्य में भारी अंतर है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित क्षेत्र में भूमि का वर्तमान बाजार मूल्य लगभग एक लाख रूपये प्रति वर्गगज है, जबकि इस विनिमय में भूमि का मूल्य केवल 10 हज़ार प्रति वर्गगज मानकर प्रस्ताव स्वीकृत किया गया, जिससे नगर निगम को करोड़ों रुपये की संभावित राजस्व हानि हो सकती है। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि इस प्रस्ताव पर पहले ही जिलाधिकारी स्तर से आपत्ति दर्ज की जा चुकी थी। इसके बावजूद प्रस्ताव को बार-बार संशोधित कर नगर निगम बोर्ड एवं कार्यकारिणी से पारित कराने का प्रयास किया गया। गत माह हुई नगर निगम की बोर्ड बैठक में जब अन्य सदस्यों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने इसका विरोध किया, जिसके चलते उस समय यह प्रस्ताव टाल दिया गया था। दीपक शर्मा का सबसे बड़ा आरोप यह है कि इस सार्वजनिक भूमि के विनिमय से पहले न तो खुली नीलामी (Open Auction) कराई गई और न ही कोई पारदर्शी प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया अपनाई गई। इससे एक विशेष निजी कंपनी को अनुचित आर्थिक लाभ पहुंचाया गया। दीपक शर्मा ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा भूमि विनिमय से संबंधित सभी कार्यवाहियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। उन्होंने यह भी मांग रखी है कि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और भूमि का वर्तमान बाजार दर पर पुनर्मूल्यांकन कराया जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार के अंतिम अनुबंध, रजिस्ट्री या हस्तांतरण पर रोक लगाई जाए। दीपक शर्मा का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक प्रशासनिक निर्णय का नहीं, बल्कि जनसंपत्ति की सुरक्षा और नगर निगम के वित्तीय हितों से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की लापरवाही जनता के साथ धोखा होगी।