वृंदावन में विराट हिन्दू सम्मेलन : संत रीतेश्वर महाराज का तीखा प्रहार, बोले— बांग्लादेश में हिन्दू असहाय, देश में मंचों तक सिमट गई चिंता
8 February 2026, 15:03
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वृन्दावन | विकास अग्रवाल
समग्र हिन्दू चेतना समिति के बैनर तले वृंदावन स्थित रंगजी के बड़ा बगीचा में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में संत रीतेश्वर महाराज के तीखे और बेबाक वक्तव्य ने पूरे कार्यक्रम को गरमा दिया। उन्होंने बांग्लादेश में हिन्दुओं की स्थिति को अत्यंत दयनीय बताते हुए कहा कि जहां विश्व की सबसे बड़ी दुर्गा पूजा होती है, वहीं महिषासुर मर्दिनी भी हिन्दुओं की रक्षा नहीं कर पा रही हैं।
संत रीतेश्वर महाराज ने आरएसएस का उल्लेख करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग आपके और आपके परिवार की सुरक्षा के लिए आगे आते हैं, यदि उनके साथ खड़ा होना संभव नहीं है तो कम से कम उनकी निंदा करना बंद करें। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि 2500 वर्षों में भारत के 25 टुकड़े हुए और केवल 170 वर्षों में ही 6 विभाजन हो गए, जो हमारी सामाजिक कमजोरी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और समाज कोई व्यक्ति नहीं होते, बल्कि जागरूक और संगठित लोगों से ही राष्ट्र बनता है। आज की समस्याओं को नजरअंदाज करना भविष्य की कमजोरियों को न्योता देने जैसा है। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि आज भारत की समस्याएं केवल भाषणों और मंचों तक सीमित होकर रह गई हैं, जमीन पर गंभीर प्रयास दिखाई नहीं देते। संत रीतेश्वर महाराज ने मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि भारत में 74 प्रतिशत लोग मानसिक तनाव से ग्रस्त हैं, जबकि अमेरिका में यह आंकड़ा 90 प्रतिशत तक है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन उन 26 प्रतिशत लोगों के लिए है, जो अपने बच्चों की सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंतित हैं। बॉलीवुड पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग बच्चों का भविष्य संवारने का कार्य भी करता है और बिगाड़ने का भी। उन्होंने दो टूक कहा कि जो लोग हिन्दू समाज और राष्ट्र को बचाने में लगे हैं, उनका एजेंट कहलाना शर्म की नहीं बल्कि गर्व की बात होनी चाहिए। यही असली हिन्दुत्व का जन-जागरण है। सम्मेलन में आरएसएस के ब्रज प्रांत प्रचारक धर्मेन्द्र जी ने कहा कि बीते सौ वर्षों से संघ के स्वयंसेवक साहस, संघर्ष और बलिदान की मिसाल पेश करते आ रहे हैं। अब समाज के प्रत्येक वर्ग की जिम्मेदारी है कि इस विचार और कारवां को मजबूती से आगे बढ़ाया जाए। कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को और जोशीला बना दिया। सम्मेलन में साध्वी ध्यानमूर्ति महाराज और प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान, बाबा बलराम दास सहित बड़ी संख्या में संत, सामाजिक कार्यकर्ता और श्रद्धालु मौजूद रहे।