वृन्दावन में बिजली विभाग के संविदाकर्मियों की सुरक्षा पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। पागलबाबा बिजली घर पर तैनात संविदाकर्मी लाइनमैन धर्मेन्द्र शर्मा के साथ हुई मारपीट की घटना ने यह साफ कर दिया है कि रात-दिन जनता की सेवा में जुटे बिजली कर्मी अब खुद असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार किशोरपुरा निवासी धर्मेन्द्र शर्मा बीती रात करीब 12:30 बजे सूचना मिलने पर अटल्ला चुंगी स्थित हरिदास नगर पहुंचे, जहां आग लगने की घटना सामने आई थी। धर्मेन्द्र ने अपने साथी राजू लाइनमैन के साथ मौके पर पहुंचकर हालात संभाले और आग बुझाने में मदद की। बताया जा रहा है कि इसी दौरान वहां मौजूद करीब एक दर्जन लोगों ने अचानक धर्मेन्द्र के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और मारपीट पर उतारू हो गये। आरोप है कि क्षेत्र में रोजाना बिजली कटौती को लेकर कुछ लोग पहले से नाराज थे और उसी खुन्नस में इस घटना को अंजाम दिया गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जो कर्मचारी रात के अंधेरे में अपनी जान जोखिम में डालकर आग बुझाने पहुंचे, आखिर उन्हीं पर हमला क्यों किया गया ? स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली विभाग के कर्मचारी लगातार दबाव और संसाधनों की कमी के बीच काम कर रहे हैं। फॉल्ट, ओवरलोड और स्थानीय समस्याओं के कारण बिजली बाधित होती है, लेकिन उसका गुस्सा सीधे कर्मचारियों पर निकालना पूरी तरह गलत है। घटना के बाद धर्मेन्द्र शर्मा अपने अन्य साथियों के साथ रात में ही थाना वृन्दावन पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी। अब बिजली विभाग के कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में फील्ड पर कार्य करना मुश्किल हो जाएगा। बिजली कर्मियों ने साफ कहा है कि जनता की सेवा करना उनका कर्तव्य है, लेकिन सुरक्षा देना प्रशासन की जिम्मेदारी है।