सांसद हेमामालिनी के नाम और लेटरहेड के कथित दुरुपयोग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि जालसाजी कर सांसद हेमामालिनी के लेटरहेड पर पूर्व लोकसभा सांसद राजेश कुमार दिवाकर से आवास आवंटित किए जाने का अनुरोध किया गया। मामले में सांसद के प्रतिनिधि जनार्दन शर्मा ने थाना सदर बाजार में एक नामजद आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।

पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व सांसद राजेश कुमार दिवाकर के कार्यालय से जुड़े सी.वी. सिंह के माध्यम से यह मामला सांसद हेमामालिनी के प्रतिनिधि के संज्ञान में आया। आरोप है कि अशोक गुप्ता नामक व्यक्ति ने सांसद हेमामालिनी के लेटरहेड का इस्तेमाल करते हुए आवास आवंटन के संबंध में पत्र तैयार कराया।

जनार्दन शर्मा ने पुलिस को बताया कि सांसद हेमामालिनी ने आवास आवंटन से संबंधित किसी पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए और न ही ऐसा कोई पत्र किसी व्यक्ति को जारी किया। इतना ही नहीं, उनका कहना है कि सांसद हेमामालिनी का पूर्व सांसद राजेश कुमार दिवाकर से व्यक्तिगत परिचय भी नहीं है।

ऐसे में सांसद के नाम और लेटरहेड का इस्तेमाल कर आवास आवंटन की सिफारिश किए जाने के आरोप ने मामले को गंभीर बना दिया है। शिकायतकर्ता ने इसे स्पष्ट जालसाजी और धोखाधड़ी बताया है।

एसएसपी श्लोक कुमार के आदेश पर थाना सदर बाजार पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित फर्जी पत्र किसने तैयार किया, उसका इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया गया तथा इस पूरे प्रकरण में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।

सांसद हेमामालिनी के नाम और लेटरहेड के कथित दुरुपयोग से जुड़े इस मामले की जांच के बाद ही पूरे फर्जीवाड़े की तस्वीर साफ हो सकेगी।