प्रेम मंदिर से लौट रहे मध्य प्रदेश के दो युवकों पर कथित हमला, जान से मारने की धमकी का भी आरोप, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शुरू की जांच

धर्मनगरी वृन्दावन में श्रद्धालुओं को होटल में कमरा दिलाने के नाम पर रास्ते में रोककर कथित रूप से दबाव बनाने वाले ‘रूमरों’ की दबंगई का मामला सामने आया है। प्रेम मंदिर के दर्शन कर मल्टीलेवल कार पार्किंग की ओर लौट रहे मध्य प्रदेश के भिंड निवासी दो युवकों ने जब होटल में कमरा लेने से इनकार किया तो आरोप है कि करीब 7-8 युवकों ने उन्हें घेर लिया और बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी।

घटना 3 अगस्त की बताई जा रही है। भिंड निवासी शिवम और सचिन प्रेम मंदिर के दर्शन करने के बाद मल्टीलेवल कार पार्किंग की ओर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में कथित रूप से कुछ ‘रूमर’ खड़े मिले, जिन्होंने दोनों से होटल में कमरा लेने के लिए पूछा।

आरोप है कि शिवम और सचिन ने कमरा लेने से साफ इनकार कर दिया, लेकिन इसके बावजूद युवक उनसे कथित रूप से जबरदस्ती करने लगे। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोप है कि शराब के नशे में धुत 7-8 युवकों ने दोनों श्रद्धालुओं के साथ मारपीट शुरू कर दी।

बताया गया है कि मारपीट के दौरान शिवम और सचिन के सिर पर गंभीर वार किए गए। हमले में शिवम का सिर फट गया और काफी खून निकल आया, जबकि सचिन को भी गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद दोनों घायलों को अस्पताल ले जाकर उपचार कराया गया।

आरोप यहीं खत्म नहीं होते। पीड़ितों का आरोप है कि मारपीट करने के बाद हमलावरों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।

मामले में पीड़ित पक्ष ने आरोपियों की पहचान लव, मोहित, सचिन और अतुल निवासी तरौली के रूप में बताई है। आरोप है कि हमलावरों की संख्या करीब 7-8 थी। पुलिस को कथित आरोपियों के पास मौजूद मोटरसाइकिल का पंजीकरण नंबर UP85DB6090 भी बताया गया है।

मामले में थाना वृन्दावन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर लिया है। जांच की जिम्मेदारी एसआई प्रवीण कुमार को सौंपी गई है।

वृन्दावन आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को होटल, धर्मशाला या कमरे दिलाने के नाम पर रास्तों में रोकने और कथित रूप से दबाव बनाने वाले ‘रूमरों’ पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ताजा घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि यदि कोई श्रद्धालु इन लोगों के दबाव में आने से इनकार कर दे तो क्या उसके साथ मारपीट की जाएगी?

धर्मनगरी में बाहर से आने वाले श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। ऐसे में कमरा दिलाने के नाम पर कथित दबंगई, जबरदस्ती और मारपीट की घटनाएं वृन्दावन की छवि पर भी सवाल खड़े करती हैं।

अब देखना होगा कि पुलिस जांच में आरोप कितने सही साबित होते हैं और कथित हमलावरों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।