बांके बिहारी के गोस्वामियों की महिलाओं का फूटा गुस्सा, हाई पावर कमेटी सदस्य दिनेश गोस्वामी को हटाने की मांग
17 February 2026, 15:53
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वृन्दावन | मुकेश पाठक
विश्व विख्यात ठाकुर बांके बिहारी मंदिर की सेवायत गोस्वामियों की महिलाओं के एक प्रतिनिधि मण्डल ने मंगलवार को मंदिर की हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार (हाईकोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश) से मुलाकात कर कमेटी सदस्य दिनेश गोस्वामी को तत्काल हटाए जाने की मांग की। इस संबंध में महिलाओं ने एक ज्ञापन सौंपते हुए दिनेश गोस्वामी पर गंभीर आरोप लगाए।
महिलाओं का कहना है कि सेवायत समुदाय के प्रतिनिधि के रूप में दिनेश गोस्वामी को हाई पावर कमेटी में नामित किया गया था, लेकिन उन्होंने शुरू से ही गैरकानूनी, अमर्यादित और तानाशाहीपूर्ण कार्यशैली अपनाई। आरोप है कि उन्होंने मंदिर के तोषखाने में अकूत संपत्ति होने का झूठा दावा कर दरवाजे तुड़वाए, जिससे मंदिर की मर्यादा को ठेस पहुंची और मंदिर के फंड्स का अनावश्यक दुरुपयोग हुआ। ज्ञापन में कहा गया है कि दिनेश गोस्वामी ने कमेटी के कथित आदेशों का हवाला देते हुए श्री गणेश जी के मंदिर में जबरन ताला लगवाया, जबकि ऐसा कोई आदेश था ही नहीं। इससे सेवायतों और उनके परिवारों को पूजा-सेवा से वंचित किया गया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर उन्होंने आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए लिखा कि कॉरिडोर प्रोजेक्ट में “कुलटाओं के ही घर जाएंगे”, जो न केवल अमर्यादित बल्कि समाज को अपमानित करने वाला बयान है।महिलाओं का यह भी आरोप है कि संवाद के लिए संपर्क करने पर दिनेश गोस्वामी ने मिलने से इनकार किया, अभद्र व्यवहार किया और बाद में संवाद के लिए गई महिलाओं पर झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया। आरोप है कि उन्होंने कथित रूप से धमकी दी कि एसएसपी और डीएम “उनकी मुट्ठी में हैं” और झूठा मुकदमा तभी वापस होगा जब महिलाएं कॉरिडोर के लिए अपने घर देने पर सहमत हों। यह सब उन्होंने कमेटी के आदेशों के नाम पर किया, जबकि ऐसा कोई आदेश मौजूद नहीं था। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि दिनेश गोस्वामी बिना किसी कारण हर समय मंदिर परिसर में मौजूद रहते हैं और श्रद्धालुओं के साथ भी अभद्र व्यवहार करते हैं। उनका कहना है कि यह सब सुप्रीम कोर्ट की मंशा के विपरीत है, जिसके तहत हाई पावर कमेटी का गठन प्रशासन और सेवायत समुदाय के बीच संतुलन व समन्वय के लिए किया गया था। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि दिनेश गोस्वामी का चयन गोस्वामी समाज के व्यापक विरोध के बावजूद किया गया था और वे गोस्वामी समाज का वास्तविक प्रतिनिधित्व नहीं करते। समाज न तो उनकी सदस्यता का समर्थन करता है और न ही उन्हें अपना प्रतिनिधि मानता है। महिलाओं ने मांग की है कि दिनेश गोस्वामी को तत्काल प्रभाव से हाई पावर कमेटी से हटाया जाए और उनके स्थान पर गोस्वामी समुदाय की सर्वसम्मति से नए प्रतिनिधि की नियुक्ति की जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि उन्हें नहीं हटाया गया तो यह माना जाएगा कि उनके सभी विवादित और अमर्यादित कृत्य समिति के आदेशों के तहत ही किए गए हैं। महिलाओं के प्रतिनिधि मण्डल में नीलम गोस्वामी, रेनु गोस्वामी, रूचि गोस्वामी, नीरू गोस्वामी, प्रीति गोस्वामी और राधा मिश्रा शामिल रहीं। वहीं, करीब डेढ़ घंटे चली वार्ता के बाद हाई पावर कमेटी के अध्यक्ष ने आश्वासन दिया है कि वे शीघ्र ही दिनेश गोस्वामी से इस पूरे प्रकरण पर बातचीत करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर उनसे औपचारिक स्पष्टीकरण भी तलब किया जाएगा।