चंद्रोदय मंदिर में धूमधाम से मनाया गया चैतन्य महाप्रभु का 540वां प्राकट्य महोत्सव
4 March 2026, 07:38
558 views
Religious
वृन्दावन | विकास अग्रवाल
फाल्गुन पूर्णिमा के अवसर पर श्री चैतन्य महाप्रभु का 540वां प्राकट्य महोत्सव वृन्दावन स्थित चंद्रोदय मंदिर में आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। प्रातःकाल से ही पूरा वातावरण हरिनाम संकीर्तन से भक्तिमय हो उठा। मंदिर के नवीन प्रांगण को आकर्षक फूल बंगले से सजाया गया था, जहाँ भगवान के दिव्य श्रृंगार और छप्पन भोग की झांकी ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। महोत्सव के दौरान गौरांग महाप्रभु का महाभिषेक, पालकी उत्सव और अखंड हरिनाम संकीर्तन आयोजित किया गया। महाभिषेक के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा और “हरि बोल” तथा “गौर हरि” के जयघोष से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा। इस अवसर पर मंदिर परिसर में आयोजित पालकी उत्सव विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। पुष्पों की वर्षा के मध्य जब हरिनाम संकीर्तन हुआ, तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो सम्पूर्ण ब्रजभूमि प्रेम और भक्ति के रस में सराबोर हो गई हो। फूल बंगले और छप्पन भोग के दर्शन कर भक्तों ने अलौकिक आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त किया। महोत्सव के दौरान मंदिर के अध्यक्ष चंचलापति दास ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि कलियुग में हरिनाम संकीर्तन ही भगवान से जुड़ने का सबसे सरल और प्रभावी मार्ग है। उन्होंने सभी भक्तों से श्री चैतन्य महाप्रभु के प्रेम, करुणा और भक्ति के संदेश को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। गौर पूर्णिमा का यह महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि प्रेम, भक्ति और समर्पण की जीवंत अभिव्यक्ति बन गया। वृन्दावन चंद्रोदय मंदिर की भव्यता और आध्यात्मिक वातावरण ने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया, जहाँ हर भक्त के हृदय में श्रीकृष्ण चैतन्य के प्रेम का प्रकाश झलकता दिखाई दिया।