मथुरा जीआरपी की कार्यशैली पर बड़ा सवाल : CCTV में चोरी साफ, फिर भी केस दबाने का आरोप
7 April 2026, 07:42
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Crime
मथुरा | विकास अग्रवाल
मथुरा जंक्शन पर जीआरपी पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर कटघरे में खड़ी नजर आ रही है। हरियाणा के रेवाड़ी निवासी रोहन के साथ हुई मोबाइल चोरी की घटना ने पुलिस के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि जीआरपी ने साफ-साफ दिख रही चोरी को भी दबाने की कोशिश की और पीड़ित को डराकर उसका बयान बदलवा दिया। रोहन के मुताबिक, वह वेटिंग एरिया में बैठा था और झपकी लगने के दौरान उसका मोबाइल चोरी हो गया। जब वह जीआरपी थाने पहुंचा, तो उसे इंतजार करवाया गया। बाद में जब थानाध्यक्ष आए और CCTV फुटेज देखी गई, तो उसमें साफ दिखाई दिया कि एक शख्स मोबाइल चोरी कर रहा है। यानि घटना पूरी तरह स्पष्ट थी, न कोई शक, न कोई संदेह। लेकिन यहीं से शुरू हुआ पुलिस का कथित खेल। आरोप है कि जीआरपी ने चोरी का मुकदमा दर्ज करने के बजाय रोहन को डराना शुरू कर दिया। उसे कहा गया कि अगर चोरी का केस दर्ज कराया तो बार-बार मथुरा आना पड़ेगा, कोर्ट के चक्कर लगाने होंगे और वकीलों पर पैसा खर्च करना पड़ेगा। अकेला और डरा हुआ रोहन इस दबाव में आ गया और मजबूरी में अपनी शिकायत बदलकर गुमशुदगी में दर्ज करवा दी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब CCTV में चोर साफ दिख रहा था, तो फिर चोरी को गुमशुदगी में क्यों बदला गया? क्या यह आंकड़ों का खेल है? क्या पुलिस अपनी जिम्मेदारी से बचना चाहती थी? मामला यहीं खत्म नहीं होता। जिस मोबाइल को गुम बताया गया, वह अब भी चालू है और उसी से रोहन के दोस्तों से पैसे मांगे जा रहे हैं। कई लोग ठगी का शिकार भी हो चुके हैं। यानि एक चोरी अब ठगी के बड़े नेटवर्क में बदलती नजर आ रही है और शुरुआती लापरवाही का आरोप सीधे पुलिस पर है।
बाद में रेवाड़ी पहुंचकर रोहन ने दोबारा शिकायत दी, जिसके बाद जीआरपी रेवाड़ी ने मामला मथुरा जंक्शन ट्रांसफर किया और अब जाकर चोरी की धाराओं में केस दर्ज हुआ है। लेकिन सवाल वही अगर शुरुआत में ही सही कार्रवाई होती, तो क्या आगे ठगी की घटनाएं रोकी नहीं जा सकती थीं?
यह पूरा मामला मथुरा जंक्शन जीआरपी की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोपों की बौछार करता है। क्या आम यात्री अब रेलवे स्टेशन पर भी सुरक्षित नहीं? क्या पुलिस का काम पीड़ित को न्याय दिलाना है या उसे डराकर मामलों को दबाना? अब नजर इस बात पर है कि उच्च अधिकारी इस गंभीर मामले में क्या एक्शन लेते हैं और क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।