जाम से जूझता वृन्दावन : अकेला सिपाही डटा रहा, दबंगों ने फाड़ी वर्दी
18 March 2026, 10:05
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Crime
वृन्दावन | विकास अग्रवाल
धार्मिक नगरी वृन्दावन में ट्रैफिक व्यवस्था अब भगवान भरोसे नजर आने लगी है। शहर इन दिनों भयंकर जाम से कराह रहा है और हालत यह है कि आम जनता के साथ-साथ पुलिसकर्मी भी इस अव्यवस्था की मार झेलने को मजबूर हैं। ऊपर से पुलिस बल की भारी कमी ने हालात को और बिगाड़ दिया है। जहां जरूरत पूरी फोर्स की है, वहां आधे से भी कम में काम चलाया जा रहा है। नतीजा यह है कि कई अहम चौराहों और जाम वाले पॉइंट्स पर एक-एक सिपाही को ही पूरा ट्रैफिक संभालना पड़ता है। ऐसे में ना तो व्यवस्था ठीक से बन पाती है और ना ही पुलिसकर्मी सुरक्षित रह पाते हैं।
इसी लचर व्यवस्था के बीच 17 मार्च को मथुरा गेट पुलिस चौकी क्षेत्र में शर्मनाक घटना सामने आई। चेतक मोबाइल पर तैनात आरक्षी पवन कुमार अंबेडकर पार्क के पास टेम्पो स्टैंड पर जाम खुलवाने में जुटे थे। तभी HR 26 FE 2091 नंबर की एक कार रॉन्ग साइड से घुस आई। जब आरक्षी पवन कुमार ने नियम का पालन कराने की कोशिश की, तो कार सवार गुड़गांव निवासी देवेन्द्र और सोनी कानून को ठेंगा दिखाते हुए बदतमीजी पर उतर आए। दोनों ने न सिर्फ गाली-गलौच की, बल्कि सरेआम सिपाही से मारपीट कर उसकी वर्दी तक फाड़ डाली। सोचने वाली बात यह है कि जब कानून के रखवालों के साथ ही ऐसा बर्ताव हो रहा है, तो आम जनता की सुरक्षा किस भरोसे है? थोड़ी दूर पर वाहनों को आगे पास करा रहे चौकी इंचार्ज अरुण त्यागी सूचना मिलते ही पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। लेकिन यह घटना कई बड़े सवाल खड़े कर गई है।
क्या वृन्दावन की ट्रैफिक व्यवस्था यूं ही भगवान भरोसे चलती रहेगी? क्या आधे-अधूरे पुलिस बल के सहारे शहर को जाम से राहत मिल पाएगी? और सबसे बड़ा सवाल- क्या ड्यूटी कर रहे सिपाही यूं ही दबंगों के निशाने पर बने रहेंगे? अब जरूरत सिर्फ कार्रवाई की नहीं, बल्कि व्यवस्था को मजबूत करने की है।